Pune, Maharashtra के एक प्रतिष्ठित Interior Decorator और Contractor Thakur Asadev जी से एक विशेष साक्षात्कार लिया गया, जिसमें उन्होंने अपने जीवन में Sant Rampal Ji Maharaj की भक्ति से मिले चमत्कारी लाभों को साझा किया। प्रस्तुत है उनका प्रेरणादायक अनुभव।
भक्ति की यात्रा : Geeta पाठ से Tatvadarshi Sant की खोज तक
Thakur Asadev जी प्रारंभ में भगवान Shri Krishna के उपासक थे और Geeta का नित्य पाठ करते थे। उन्होंने बताया कि वे 10 वर्षों तक Geeta के 18 अध्यायों को लगातार पढ़ते थे और प्रत्येक 19वें दिन पुनः आरंभ करते थे। वे सुबह स्नान कर मंदिर में बैठकर Geeta का पाठ करते और इसे ही सर्वश्रेष्ठ साधना मानते थे।
किन्तु, जब उन्होंने Geeta Adhyay 4 Shlok 34 पढ़ा, जिसमें Tatvadarshi Sant के पास जाने की बात कही गई है, तो वे दुविधा में पड़ गए कि इतने संतों में से कौन Tatvadarshi Sant है। इसी संदर्भ में उन्होंने Geeta Adhyay 15 Shlok 1 भी पढ़ा, जिसमें कहा गया है कि जो व्यक्ति “ऊर्ध्वमूलम् अधःशाखम्” वाले वृक्ष को जड़ से पत्तों तक समझा देगा, वही Tatvadarshi Sant होगा।
अन्य संतों की शरण में प्रयास
इस शंका के समाधान हेतु Thakur Asadev जी कई संतों के पास गए, जिनमें Shri Shri Ravi Shankar, Sudhanshu Ji Maharaj, और Asaram Ji भी शामिल थे। उन्होंने लगभग 4-5 वर्ष विभिन्न संतों को सुना, किंतु उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
Sant Rampal Ji Maharaj से मुलाकात
एक दिन Pune में यात्रा के दौरान उन्होंने Aundh क्षेत्र में Sant Rampal Ji Maharaj का Holding देखा, जिसमें लिखा था “Tatvadarshi Sant”। यह पढ़कर उनकी जिज्ञासा बढ़ी, क्योंकि आज तक किसी अन्य संत के नाम के आगे Tatvadarshi शब्द नहीं देखा था। उन्होंने तुरंत उस तारीख को नोट किया और अपने परिवार को बताया।
इसके बाद, वे Sant Rampal Ji Maharaj का Satsang सुनने गए, जहाँ Geeta Adhyay 15 Shlok 1 का संपूर्ण विवरण दिया गया। उन्होंने पाया कि Sant Rampal Ji Maharaj ही एकमात्र संत हैं, जिन्होंने Geeta के आधार पर Tatvadarshi Sant का पूर्ण विवरण दिया। तीन दिनों तक Satsang सुनने के बाद, उन्हें पूर्ण विश्वास हो गया और मई 2004 में उन्होंने और उनके पूरे परिवार ने Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha ली।
Sant Rampal Ji Maharaj और अन्य संतों में भिन्नता
Thakur Asadev जी ने बताया कि अन्य संतों के आश्रमों में Naam Diksha, Bhandara, भोजन एवं रहने की सुविधाओं के लिए शुल्क लिया जाता था, जबकि Sant Rampal Ji Maharaj के आश्रम में यह सभी चीजें निःशुल्क होती हैं।
इसके अलावा, Sant Rampal Ji Maharaj के अनुयायी किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते, जबकि अन्य स्थानों पर भक्तगण शराब एवं अन्य बुरी आदतों में लिप्त पाए जाते हैं। Thakur Asadev जी ने स्वीकार किया कि वे पहले Beer और Wine पीते थे, किंतु Naam Diksha लेने के बाद उन्होंने नशे से पूरी तरह परहेज कर लिया।
शारीरिक एवं आर्थिक लाभ
Thakur Asadev जी ने बताया कि Naam Diksha लेने के बाद उन्हें कई चमत्कारी लाभ प्राप्त हुए—
1. पत्नी का असाध्य रोग ठीक हुआ – उनकी पत्नी 13-14 वर्षों से गंभीर दौरे (Seizures) की समस्या से पीड़ित थीं, जिसका कोई समाधान डॉक्टरों के पास नहीं था। लेकिन Naam Diksha लेने के बाद उसी दिन यह समस्या समाप्त हो गई।
2. व्यवसाय में उन्नति – पहले वे 15-20 घंटे तक काम करने के बावजूद तनाव में रहते थे, किंतु Sant Rampal Ji Maharaj की कृपा से अब वे कम समय में अधिक लाभ अर्जित करने लगे।
3. बेटी को जीवनदान – उनकी बेटी एक गंभीर बीमारी के कारण Sahyadri Special Hospital, Pune के ICU में भर्ती थी। Doctors ने जवाब दे दिया था और Heart Monitor की Flat Line दिखाने लगी थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने और उनकी पत्नी ने Sant Rampal Ji Maharaj से प्रार्थना की, डॉक्टर दौड़ते हुए आए और बताया कि उनकी बेटी होश में आ गई है और उन्हें बुला रही है।
बेटी ने बताया कि जब वह अंधेरे में थी, तब Sant Rampal Ji Maharaj स्वयं प्रकाश रूप में प्रकट हुए, आशीर्वाद दिया और कहा, “बेटा यहाँ क्यों सोई हो? घर जाओ!”। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर को बुलाने को कहा और पुनः होश में आ गईं।
4. Car Accident में बचाव – एक बार जब वे रात में Pune हवाई अड्डे से लौट रहे थे, तब Driver ने गाड़ी बहुत तेज गति से चला दी। अचानक दो Bikers सामने आ गए और दुर्घटना निश्चित थी। गाड़ी Dividers पर चढ़ गई, लेकिन किसी अदृश्य शक्ति ने उसे वापस सड़क पर लाकर टकराने से बचा लिया। यह भी Sant Rampal Ji Maharaj की कृपा का ही प्रमाण था।
आज की युवा पीढ़ी के लिए संदेश
Thakur Asadev जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपना करियर और Business Build-up करने में लगी है, लेकिन भौतिक सुखों के बावजूद मानसिक शांति नहीं प्राप्त कर पा रही। उन्होंने बताया कि Sant Rampal Ji Maharaj की Satbhakti शास्त्रों के अनुसार है और इससे न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ भी मिलते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग English Speaking Babas की ओर आकर्षित होते हैं, किंतु वे केवल दिखावे के लिए होते हैं और वास्तविक मोक्ष मार्ग नहीं बता सकते।
Naam Diksha कैसे लें?
जो भी व्यक्ति Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha लेना चाहता है, वह विभिन्न Social Media Platforms जैसे YouTube, Facebook, Twitter आदि पर उनके Satsang देख सकता है। Sant Rampal Ji Maharaj की भक्ति पूर्णतः Shastragat Bhakti है, जिससे न केवल इस लोक में सुख प्राप्त होता है, बल्कि मोक्ष भी सुनिश्चित होता है।
निष्कर्ष
Thakur Asadev जी का अनुभव यह प्रमाणित करता है कि Sant Rampal Ji Maharaj की Satbhakti न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि जीवन में चमत्कारी बदलाव भी लाती है। उनके परिवार ने न केवल भयानक बीमारियों से मुक्ति पाई, बल्कि व्यवसाय में भी अपार उन्नति प्राप्त की।
यदि कोई भी व्यक्ति वास्तविक Tatvadarshi Sant की खोज में है, तो उसे Sant Rampal Ji Maharaj के ज्ञान को समझना चाहिए और स्वयं निर्णय लेना चाहिए कि क्या वे ही Geeta Adhyay 4 Shlok 34 और Geeta Adhyay 15 Shlok 1 के अनुसार सच्चे Tatvadarshi Sant हैं।

