Raipur, Chhattisgarh की Saroj Bharti जी ने एक साक्षात्कार में अपने जीवन के संघर्षों और Sant Rampal Ji Maharaj की शरण में आने के बाद मिले चमत्कारी लाभों को साझा किया। उनकी यह कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो वर्षों से पूजा-पाठ कर रहे हैं लेकिन फिर भी जीवन में शांति और सुख नहीं प्राप्त कर पा रहे।
परंपरागत भक्ति से शांति की तलाश
Saroj Bharti जी ने बताया कि वे पहले Shankar Bhagwan और Durga Maa की उपासक थीं। वे Navratri के दौरान 9-9 दिन उपवास रखती थीं, चाहे सर्दी हो या गर्मी। उनके Kuldevta Shankar Bhagwan थे, जिनकी वे नित्य पूजा करती थीं। इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य देवी-देवताओं और Tantrik Pooja भी की, लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिला।
इसके बावजूद, उनके घर में हमेशा अशांति बनी रहती थी। परिवार में कलेश और परेशानियाँ बनी रहीं, जिससे वे बहुत दुखी रहने लगीं।
Sant Rampal Ji Maharaj के ज्ञान की ओर पहला कदम
एक दिन उनके Damaad और Beti ने उन्हें सुझाव दिया कि वे Sant Rampal Ji Maharaj से जुड़ें और Satbhakti करें। उन्होंने समझाया कि, “आपने बहुत पूजा-पाठ किया लेकिन फिर भी घर में सुख नहीं है, इसलिए आपको ज्ञान गंगा पुस्तक पढ़नी चाहिए और असली भक्ति को समझना चाहिए।”
पहले तो Saroj Bharti जी को इस पर विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मैं इतने सालों से पूजा कर रही हूँ, फिर ये Sant Rampal कौन हैं? मैं इसे नहीं मानती।” लेकिन उनके दामाद ने ज़िद की और उन्हें Hisar Ashram लेकर गए।
Naam Diksha लेने के बाद जीवन में सुख-शांति
जब Saroj Bharti जी ने Sant Rampal Ji Maharaj के सत्संग सुने, तो उन्हें ज्ञान हुआ कि अब तक की उनकी भक्ति शास्त्रों के अनुसार नहीं थी। उन्होंने 2019 में Bhiwani Ashram से Naam Diksha ली।
Naam Diksha लेने के बाद उन्होंने अपने जीवन में कई चमत्कारी बदलाव देखे:
1. घर में सुख-शांति आई – पहले जहां रोज़ अशांति और कलेश था, वहां अब पूरा परिवार सुखी और शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहा है।
2. रहने के लिए घर मिला – Sant Rampal Ji Maharaj की कृपा से उन्हें 2052 Sq. Ft. में घर मिला, जो पहले उनके पास नहीं था।
3. कैंसर से मुक्ति मिली – सबसे बड़ा चमत्कार यह था कि वे Third Stage Cancer से पीड़ित थीं और डॉक्टरों ने Operation करने से भी मना कर दिया था।
कैंसर से चमत्कारी मुक्ति
जब Saroj Bharti जी को Third Stage Cancer होने की जानकारी मिली, तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, “अब बहुत देर हो चुकी है, केवल कीमोथेरेपी से ही थोड़ी उम्मीद हो सकती है, लेकिन अब बचने की कोई संभावना नहीं है।”
उनके बच्चे बहुत दुखी थे और डॉक्टर से बोले, “आप ऑपरेशन कर दीजिए, चाहे कुछ भी हो जाए।” लेकिन डॉक्टरों ने फिर भी मना कर दिया।
तब उन्होंनें Rampal Ji Maharaj से प्रार्थना की Bandi Chhod Sant Rampal Ji Maharaj से प्रार्थना करने के कुछ समय बाद, डॉक्टरों का निर्णय अचानक बदल गया और उन्होंने ऑपरेशन के लिए हामी भर दी।
ऑपरेशन सफल हुआ और आश्चर्यजनक रूप से कैंसर की गांठ निकाल दी गई।
सबसे चमत्कारी बात यह थी कि –
• ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने जो दवाइयाँ लिखी थीं, Saroj Bharti जी ने उनमें से एक भी नहीं खाई।
• Sant Rampal Ji Maharaj की कृपा से वे बिना किसी दवा के पूरी तरह स्वस्थ हो गईं।
• 15 दिन बाद जब Medical Report आई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए और बोले, “ये तो चमत्कार हो गया! अब आपको कैंसर नहीं है।”
Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha कैसे लें?
Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha लेने के बारे मे पूछने पर Saroj Bharti जी ने बताया कि –
1. TV Channels पर Sant Rampal Ji Maharaj के Satsang प्रसारित होते हैं, वहां Scrolling Line (पट्टी) में दिए गए नंबरों पर कॉल कर सकते हैं।
2. Gyan Ganga और Jeene Ki Raah पुस्तकों को पढ़कर सच्चे ज्ञान को समझ सकते हैं।
3. YouTube, Facebook, Twitter जैसे Social Media Platforms पर Sant Rampal Ji Maharaj के सत्संग सुन सकते हैं और सत्य भक्ति को जान सकते हैं।
निष्कर्ष
Saroj Bharti जी की यह कहानी यह प्रमाणित करती है कि वर्षों की परंपरागत भक्ति और तांत्रिक अनुष्ठानों से कोई लाभ नहीं होता, जब तक कि भक्ति शास्त्रानुसार न हो।
• Sant Rampal Ji Maharaj से जुड़ने के बाद उन्हें घर, सुख-शांति और कैंसर से मुक्ति मिली।
• Naam Diksha लेने के बाद उनकी भक्ति शास्त्रों के अनुसार हुई और उनके जीवन में असली बदलाव आया।
यदि आप भी अपने जीवन में शांति, सुख और मोक्ष प्राप्त करना चाहते हैं, तो Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha लेकर सत्य भक्ति अपनाइए और अपना कल्याण कराइए।
