Kabirdham, Chhattisgarh, Gram Lalpur के Lomas Kumar जी ने अपने जीवन के संघर्षों और Sant Rampal Ji Maharaj की शरण में आने के बाद हुए चमत्कारी लाभों को साझा किया।
पारंपरिक भक्ति से संत रामपाल जी महाराज की शरण तक का सफर
Lomas Kumar जी ने बताया कि 13 अक्टूबर 2019 को उन्होंने Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha ली। इससे पहले –
• भविष्यपुराण में पढ़ा था कि सूर्य पूजा से मोक्ष प्राप्त होता है, इसलिए रोज़ सूर्य पूजा करते थे।
• हर महीने उपवास रखते थे और घी का दीपक जलाते थे।
• Hanuman Ji की भी पूजा करते थे, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला।
• सब्जी बेचने का काम करते थे, लेकिन आर्थिक संकट बना रहता था।
• हर नवरात्रि में सड़क पर एक बंदर आकर गाड़ी के सामने आ जाता था, जिससे गिरकर चोट लगती थी।
• दो बार एक्सीडेंट हुआ, जिससे पैर की हड्डी बुरी तरह बेंड हो गई।
• डॉक्टर ने कहा कि यह हड्डी अब ठीक नहीं होगी और आजीवन दवा और व्यायाम करना पड़ेगा।
Sant Rampal Ji Maharaj की शरण में आने का कारण
• एक शादी समारोह में गए, वहाँ Sant Rampal Ji Maharaj का पोस्टर टंगा था, जिसमें प्रश्न लिखे थे –
• “Brahma, Vishnu, Mahesh के माता-पिता कौन हैं?”
• “Sherawali Durga का पति कौन है?”
• “हम इतनी भक्ति करते हैं फिर भी दुखी क्यों रहते हैं?”
• इन प्रश्नों का उत्तर वे नहीं जानते थे, इसलिए इसे समझने की इच्छा हुई।
• अपने नाना के ससुराल गए, जहाँ एक व्यक्ति पहले से Sant Rampal Ji Maharaj से जुड़ा था।
• उन्होंने बताया कि Naam Diksha लेने के बाद उनकी सांस की समस्या और शरीर दर्द पूरी तरह ठीक हो गया।
• “Gyan Ganga” पुस्तक पढ़ी, जिसमें बताया गया कि सूर्य पूजा करने से मोक्ष नहीं होता।
• भक्तों के अनुभव और शास्त्रों के प्रमाण देखकर विश्वास हुआ और Naam Diksha लेने का निश्चय किया।
Naam Diksha लेने के बाद हुए चमत्कारी लाभ
1. एक्सीडेंट से क्षतिग्रस्त पैर की हड्डी पूरी तरह ठीक हो गई
• एक्सीडेंट के बाद हड्डी बेंड हो चुकी थी।
• डॉक्टरों ने कहा कि यह कभी ठीक नहीं होगी और आजीवन दवा और व्यायाम करना पड़ेगा।
• Naam Diksha लेने के बाद धीरे-धीरे दर्द खत्म हो गया और हड्डी अपने आप सही हो गई।
• अब बिना किसी दर्द के सामान्य जीवन जी रहे हैं।
2. शरीर की कमजोरी दूर हुई और वजन बढ़ा
• पहले 47-48 किलो वजन था और कितना भी खाते थे, वजन नहीं बढ़ता था।
• Naam Diksha लेने के बाद हर महीने 1 किलो वजन बढ़ने लगा।
• अब वजन 58-59 किलो हो चुका है।
3. शारीरिक ऊर्जा और मेहनत करने की शक्ति बढ़ी
• पहले ज़्यादा मेहनत करने पर थकावट होती थी और डॉक्टर ने भारी वजन न उठाने की सलाह दी थी।
• Naam Diksha लेने के बाद अब बिना किसी परेशानी के पूरी मेहनत कर सकते हैं।
• अब पूरे खेत में आसानी से काम कर सकते हैं।
4. आर्थिक स्थिति में सुधार और नई बाइक मिली
• पहले पुरानी मोटरसाइकिल थी और नई बाइक खरीदने की इच्छा थी।
• Naam Diksha लेने के 15 दिन बाद ही किस्त पर Honda की नई मोटरसाइकिल ली।
• Lockdown के बावजूद बिना किसी आर्थिक समस्या के 8 महीने में पूरी किस्त चुकता कर दी।
• अब आराम से सब्जी का व्यापार कर रहे हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो गए हैं।
5. नशे की बुरी आदतें पूरी तरह छूट गईं
• पहले सिगरेट, बीयर आदि का नशा करते थे।
• Sant Rampal Ji Maharaj की शरण में आने के बाद नशा पूरी तरह छूट गया।
• अब नशे की कोई इच्छा नहीं होती और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
Naam Diksha कैसे लें?
जब Anchor ने पूछा कि “Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha कैसे ली जा सकती है?”, तो Lomas Kumar जी ने बताया कि –
1. TV Channels पर Sant Rampal Ji Maharaj का Satsang आता है, जिसमें पीली पट्टी (Yellow Scrolling Line) में नंबर दिया होता है।
2. उस नंबर पर Call या SMS करके Gyan Ganga और Jeene Ki Raah पुस्तकें मंगवाएँ।
3. इन पुस्तकों को पढ़ें और अपने शास्त्रों से तुलना करें।
4. नजदीकी Naam Diksha Kendra का पता लेकर वहाँ जाएं और Naam Diksha प्राप्त करें।
निष्कर्ष
Lomas Kumar जी का यह अनुभव प्रमाणित करता है कि –
• Naam Diksha लेने के बाद पैर की टूटी हड्डी बिना किसी ऑपरेशन के ठीक हो गई।
• शरीर की कमजोरी दूर हुई और वजन 11 किलो तक बढ़ गया।
• नयी मोटरसाइकिल लेने की इच्छा पूरी हुई और बिना किसी परेशानी के पूरी किस्त भर दी।
• नशा पूरी तरह से छूट गया और अब स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
• आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और सब्जी का व्यापार बढ़ा।
यदि आप भी स्वास्थ्य समस्याओं, आर्थिक संकट, नशे की लत या पारिवारिक अशांति से जूझ रहे हैं, तो Sant Rampal Ji Maharaj से Naam Diksha लेकर Satbhakti करें और अपने जीवन को सुखमय बनाएं।

