जीवन में सुख और शांति पाने के लिए भक्ति की अनेक विधियाँ अपनाई जाती हैं। लेकिन असली शांति केवल तब मिलती है जब व्यक्ति को सच्चा गुरु मिलता है। नागपुर की Ranjana Prasadkar जी ने इसी सच्चे गुरु के रूप में Sant Rampal Ji Maharaj से नाम दीक्षा लेकर अपने जीवन की हर समस्या से मुक्ति पाई। आइए जानते हैं उनकी भक्ति यात्रा और कैसे उन्होंने संत Rampal Ji Maharaj के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याओं का समाधान पाया।
भक्ति की शुरुआत और पारंपरिक पूजा
Ranjana जी एक पारंपरिक हिन्दू परिवार से हैं। वे Santoshimata का 16 शुक्रवार का व्रत करती थीं, सावन में शिवजी को बेल पत्र चढ़ाती थीं, नवरात्रों में दुर्गा देवी की पूजा करती थीं और महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत Gajanan Maharaj की गहरी भक्त थीं। परंतु, इस सभी श्रद्धा और भक्ति के बावजूद उन्हें मानसिक शांति नहीं मिल पाई।
समस्या और पहले गुरु से अनुभव
Ranjana जी के पति को 22 वर्षों से प्रेत बाधा थी, जिससे पूरे परिवार को कष्ट सहना पड़ रहा था। उन्होंने अमरावती के संत Rajeshwaracharya जी से दीक्षा ली और भक्ति की, परंतु पति की बीमारी और प्रेत बाधा से कोई राहत नहीं मिली। इसके अलावा गुरु की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठने लगे जब Rajeshwaracharya जी को दुर्घटना हुई।
असली सच्चा गुरु और नाम दीक्षा
एक दिन टीवी पर संत Rampal Ji Maharaj का सत्संग देखकर Ranjana जी के जीवन में आशा जगी। उन्होंने 2016 में पूरे परिवार सहित संत Rampal Ji Maharaj से नाम दीक्षा ली। इसके बाद उनके जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन हुए:
- 4 महीने में बेटे की बीमारी पूरी तरह ठीक हो गई।
- पति की 22 साल पुरानी प्रेत बाधा समाप्त हो गई।
- आर्थिक संकट के बाद भी गुरु की कृपा से बड़ा लाभ मिला।
- खेती के लिए उपयुक्त जमीन सस्ती और आसानी से मिली।
- चोरी का प्रयास असफल रहा क्योंकि गुरु की कृपा से धन-संपत्ति सुरक्षित रही।
- पति के सभी व्यसनों से मुक्ति मिली।
सच्चा गुरु क्यों जरूरी है?
Ranjana जी बताती हैं कि पहले की भक्ति शास्त्र-विरुद्ध थी, इसलिए शांति और लाभ नहीं मिला। संत Rampal Ji Maharaj जी शास्त्रानुसार भक्ति कराते हैं, इसलिए उनकी शरण में जाकर ही उन्होंने वास्तविक सुख और समाधान पाया।
आलोचकों को जवाब
जब पूछा गया कि क्या गुरुजी देवताओं की भक्ति छुड़वाते हैं, तो Ranjana जी ने स्पष्ट किया कि गुरुजी शास्त्र के अनुसार ही भक्ति सिखाते हैं और गलत भक्ति को छोड़ने को कहते हैं।
नाम दीक्षा कैसे लें?
संत Rampal Ji Maharaj का सत्संग देशभर के टीवी चैनलों पर उपलब्ध है। आप नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करके अपने नजदीकी नाम दीक्षा केंद्र की जानकारी ले सकते हैं। नाम दीक्षा निःशुल्क है और आप सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं।
निष्कर्ष:
Ranjana Prasadkar जी की यह गवाही यह दर्शाती है कि सच्चा गुरु ही जीवन की हर समस्या से छुटकारा दिला सकता है। संत Rampal Ji Maharaj की शरण में आकर उन्होंने शारीरिक, मानसिक और आर्थिक सभी परेशानियों से मुक्ति पाई। आप भी सच्चे गुरु की शरण लें और नाम दीक्षा लेकर अपने जीवन को सुखी बनाएं।

